जिसे ऐश में याद-ए ख़ुदा न रही, जिसे तैश में खौफ-ए-ख़ुदा न रहा
जिसे ऐश में याद-ए ख़ुदा न रही, जिसे तैश में खौफ-ए-ख़ुदा न रहा
Pushpendra Kumar