Show notes
*!! धैर्यशील शिष्य !!*>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>एक बार कि बात है, एक गुरू अपने कुछ शिष्यों के साथ पैदल ही यात्रा पर थे। वे चलते-चलते किसी गांव में पहुंच गए। ये गांव काफी बड़ा था, वहां घूमते हुए उन्हें काफी देर हो गयी थी। गुरू जी थक चुके थे और उन्हें बहुत प्यास लगी थी, तो उन्होनें अपने एक शिष्य से कहा कि हम इसी गांव में कुछ देर रूकते हैं, तुम मेरे लिए पानी ले आओ।*सदैव प्रसन्न रहिये।**जो प्राप्त है, पर्याप्त है।।*🎶🎶🎶🎶🎶🎶🎶🎶🎶🎶

