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परिन्दों का आसमान ख़ूबसूरत होता है। ये इंसानों की तरह कौम या मजहब में नहीं बनता है। ये असमान खुला है हर परिंदे के लिए। यहां कोई रंजिश नहीं है कोई फरेब नहीं है।
परिन्दों का आसमान ख़ूबसूरत होता है। ये इंसानों की तरह कौम या मजहब में नहीं बनता है। ये असमान खुला है हर परिंदे के लिए। यहां कोई रंजिश नहीं है कोई फरेब नहीं है।