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आज ख़ामोशी से मेरी मुलाक़ात हुई है
एक आरसे बाद फिर से बात हुई है
कभी डूबा था जो मैं इसके आगोश में
आज फिर से कुछ वैसी ही रात हुई है
आज ख़ामोशी से मेरी मुलाक़ात हुई है
एक आरसे बाद फिर से बात हुई है
कभी डूबा था जो मैं इसके आगोश में
आज फिर से कुछ वैसी ही रात हुई है