Show notes
दिन था 17 मार्च 1978। दिल्ली आम दिनों की तरह अपने काम में व्यस्त थी। बस और दो पहिया वाहनों से ज्यादातर लोग आवाजाही कर रहे थे। दुकानें रोजाना की तरह खुली हुई थीं। उसी वक़्त पांच मिनट में ऐसा क्या हुआ कि तुरंत 32 लोगों की जान चली गई और सैकड़ों घायल हो गए।



