Saahitya Ki Orr
Saahitya Ki Orr
Renu Arun
मछुए की बेटी : सुभद्रा कुमारी चौहान की कहानी
12 minutes Posted Jun 14, 2022 at 4:57 pm.
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तिन्नी, तो तू मूझसे ब्याह क्यों नहीं कर लेती? फिर हम दोनों जीवन भर साथ-साथ डांड़ चलाते रहेंगे.’
क्षणभर के लिए तिन्नी के चेहरे पर लज्जा की लाली दौड़ गई. किन्तु तुरंत ही वह संभलकर बोली,‘कहने के लिए तो कह गए. मनोहर! किन्तु आज मैं ब्याह के लिए तैयार हो जाऊं तो?’
‘तो मैं ख़ुशी के मारे पागल हो जाऊं.’
‘फिर उसके बाद?’
‘फिर मैं तुम्हें रानी बनाकर अपने आपको दुनिया का बादशाह समझूं.’
‘अपने आपको बादशाह समझोगे, क्यों मनोहर? और मैं बनूंगी रानी. पर मैं रानी बनने के बाद डांड़ तो...