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बिरजू की मां चूल्हा सुलगाने लगी। चंपिया ने शकरकंद को मसल कर गोले बनाए और बिरजू सिर पर कढ़ाई औंधा कर अपने बाप को दिखाने लगा- "मलेटरी टोपी"! इसपर दस लाठी मारने से भी कुछ नहीं होगा! सभी ठठाकर हंस पड़े... आगे की कहानी जानने के लिए सुनिए ये कहानी!! यदि आपको मेरे द्वारा पढ़ी गई कहानी पसंद आए तो मेरे चैनल को subscribe, share और like अवश्य करें। Thankyou 🥰



