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पंडित जी की पत्नी माया को गहनों का शौक था, किंतु पंडितजी हर बार अपनी पत्नी को तर्क के जाल में ऐसे फंसते कि बेचारी निरुत्तर हो जाती। लेकिन सुनिए, इस कहानी में किस प्रकार अपने कौशल के बल पर पंडित बालकराम से २० तोले का हार बनवाती है ? जानने के लिए सुनिए ये कहानी - कौशल !!!!



