Saahitya Ki Orr
Saahitya Ki Orr
Renu Arun
मुंशी प्रेमचंद जी की रचना- स्वामिनी
36 minutes Posted Oct 20, 2021 at 6:23 pm.
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एक स्त्री जो वैधव्य के दुख से आंसू बहाती है, अचानक जब घर की जिम्मेदारी उसके उपर आती है और पूरे घर की स्वामिनी बना दी जाती है , तब वह कैसे अपने दुख को भूल उस नई जिम्मेदारी ने उसमे एक नई ऊर्जा का संचार कर दिया और किस तरह वह अपना सबकुछ न्योछावर कर के भी खुश रहती है , क्योंकि वह स्वामिनी है, पूरी कहानी जानने के लिए , सुनिए ये कहानी - स्वामिनी!!!!