Show notes
इस कहानी में कहानी का नायक जिससे उसकी मां उसकी पत्नी की बुराई कर रही है, उसके कामों में खोट निकाल रही है। स्वयं से उसकी तुलना कर रही है। बेटा हरेक बात को सुनकर बड़े ही तार्किक ढंग से अपनी माता को समझाता है। फिर उसने किस प्रकार से अपनी पत्नी को एक नीति के अनुसार समझाता है कि वह वो सारे काम जो उसे नापसंद था या फिर उसे करना नहीं आता था करने को राजी होती है। यही है कि किस गृह नीति से वह बातों को बिना झंझट के सम्हालता है, जानने के लिए सुनिए- कहानी गृह नीति।

