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नील विद्रोह , पाबना विद्रोह ,स्थायी बन्दोबस्त प्रणाली {आधुनिक भारत का इतिहास }
5 minutes Posted Dec 31, 2020 at 8:44 pm.
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नील विद्रोह-

वर्ष- 1859-60

क्षेत्र नदिया जिला के गोविन्दपुर गाँव (बंगाल) में

नेतृत्वकर्ता दिगम्बर विश्वास विष्णु विश्वास

कारण

•यूरोपीय बाजार में नील की मांग बढने के कारण, नील उत्पादकों द्वारा जबरन नील के खेती के लिया किसानो को बाध्य करना

•किसान अपने भूमि का उपयोग नील के खेती के अलावा किसी और फसल में नही कर सकते थे

•निरक्षरता का लाभ उठा कर नील उत्पादकों द्वारा किसानो से झूठा करार

विशेषता किसानों का पहला संगठित विद्रोह

प्रभाव -

qबंगाल के बुद्धिजीवियों का प्रमुख योगदान समाचार पत्रों में लेख एवं जनसभाओं के आयोजन में रहा

qहरिश्चन्द्र मुखर्जी ने हिन्दू पेट्रियट पत्र में किसानो का पूर्ण समर्थन किया

qनील दर्पण के द्वारा दीनबन्धु मित्र ने गरीब किसानों की दयनीय स्थिति का वर्णन किया |

qनील आयोग का गठन (1760) किया गया जिसके माध्यम से किसानों को यह आश्वासन दिया गया की किसानों को नील उत्पादन के लिया विवश नही किया जाएगा |



पाबना विद्रोह–

वर्ष 1873-76

क्षेत्र - पाबना जिले के युसुफशाही परगना (बंगाल) में , (अभी बांग्लादेश में है)

नेतृत्वकर्ता किसान द्वारा , जमीदारों के  विरोध में

आन्दोलन का आधार  -

नींव - 1764 बक्सर का युद्ध

EIC की जित हुई

बंगाल,बिहार,ओडिशा में दीवानी (कर संग्रह का) अधिकार प्राप्त हो गया

कर संग्रह में EIC को पैसा , समय और कामगार की दिक्कत महसूस हो रही थी

1793 में लार्ड कार्नवालिस भारत के गवर्नर जनरल बनें

कर संग्रह के लिया नियम बनाया

स्थायी बन्दोबस्त प्रणाली

10/11   1/11    (tax)

EIC -------- जमींदार--------किसान

(सूर्यास्त कानून)

कारण जमींदारों द्वारा किसानो का अत्यधिक शोषण एवं कर में अत्यधिक वृद्धि|

विशेषता

qयह आन्दोलन न तो जमींदारी प्रथा के विरुद्ध था और न तो उपनिवेशवाद के विरुद्ध , बल्कि यह जमींदारो के शोषण के विरोध में किया गया आन्दोलन था |

q

qहिंसा नाममात्र की हुई थी|

q

qकिसानो द्वारा क़ानूनी मोर्चे का सहारा लिया गया |

q

qहिन्दू – मुश्लिम मिलकर एक साथ इस आन्दोलन में शामिल थे |

q

qजिसमें अधिकांश किसान मुश्लमन थे और अधिकांश जमींदार हिन्दू थे |

प्रभाव

qबंगाल के बुद्धिजीवियों ने आन्दोलनकारियों का भरपूर समर्थन किया

q

qसुरेन्द्रनाथ बनर्जी , आनन्द मोहन बोस, बंकिमचन्द्र चटर्जी और द्वारकानाथ गांगुली ने इंडियन एसोसिएशन के मंच से आन्दोलनकारियों की मांगों का पूर्ण समर्थन किया |

आन्दोलन का निपटारा लगभग बंगाल काश्तकारी कानून बनने तक हो चूका था


मैन्स आधारित आज का प्रश्न

Q. बक्सर के युद्ध ने किस प्रकार भारत को उपनिवेशवाद के करीब ले गया , एवं ईस्ट इंडिया कंपनी के उन कारणों को भी उजागर कीजिए ,जिसने भारत के बुद्धिजीवियों को आन्दोलन में सक्रिय किया | (150 शब्द)


प्रीलिम्स आधारित आज का प्रश्न

A.स्थायी बन्दोबस्त प्रणाली को सम्पूर्ण भारत में लार्ड डल्होजी द्वारा लागु किया गया था |

B.सूर्यास्त कानून के अंतर्गत जमीदारों की जमींदारी को नीलम कर दी जाती थी |

C.पाबना विद्रोह किसानों का पहला संगठित विद्रोह था |

D.पाबना विद्रोह जमींदारी प्रथा के विरुद्ध था |

उपरोक्त विकल्पों में सही विकल्प का चयन करें –

1.केवल A

2.B,C और D

3.केवल B

4.A,B और D

केवल 3