NL Charcha
NL Charcha
Newslaundry.com
एनएल चर्चा 354 : इज़राइल, हमास के बीच युद्धविराम और हिंडनबर्ग रिसर्च फर्म होगी बंद
1 hour 40 minutes Posted Jan 18, 2025 at 12:02 pm.
इंट्रो और जरूरी सूचना16:50 - सुर्खियां25:40 - इज़राइल-हमास संघर्ष विराम 40:20 - भारतीय परमाणु संस्थाओं से अमेरिका ने प्रतिबंध हटाए 01:01:10 -  हिंडनबर्ग रिसर्च संस्था 01:13:33- राहुल गांधी पर भाजपा का आरोप01:32:40- सलाह और सुझावपत्रकारों की राय क्या देखा, पढ़ा और सुना जाएनिरुपमा सुब्रमण्यम वेब सीरीज़ -माइग्रेट टीके राजलक्ष्मीफिल्म : द ज़ोन ऑफ़ इंटरेस्ट शार्दूल कात्यायन द हिन्दू में लेख - रेज़िस्टिंग ट्रांसपेरेंसी, एरोडिंग पब्लिक ट्रस्ट न्यूज़लॉन्ड्री परआनंद वर्धन का लेख मिनी सीरीज - डून प्रोफेसी विकास जांगड़ा न्यूज़लॉन्ड्री पर संदीप दीक्षित का इंटरव्यूअतुल चौरसिया नेतन एंडरसन का लेटर ट्रांसक्रिप्शन: तस्नीम फातिमाप्रोड्यूसर: आशीष आनंद एडिटिंग: आशीष आनंद Hosted on Acast. See acast.com/privacy for more information.
0:00
1:40:52
Download MP3
Show notes
इस हफ्ते इज़राइल और हमास के बीच युद्धविराम पर औपचारिक सहमति बनने, भारतीय उद्योगपति गौतम अडाणी और उनकी कंपनी समेत दुनियाभर के कई समूहों पर खुलासे करने वाली हिंडनबर्ग रिसर्च संस्था बंद किए जाने की घोषणा और भाजपा द्वारा कांग्रेस और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर अपरिपक्व होने के आरोप को लेकर विस्तृत बातचीत हुई. इसके अलावा मणिपुर के एक गांव में वर्ष 2025 का पहला हमला, अमेरिकी उद्योग और सुरक्षा ब्यूरो ने तीन भारतीय परमाणु संस्थाओं को अपनी प्रतिबंध सूची से हटाया, छत्तीसगढ़ के पूर्व आबकारी मंत्री और कोंटा शहर से विधायक रहे कवासी लखमा दो हज़ार एक सौ इकसठ करोड़ रुपये के शराब घोटाले के आरोप में गिरफ्तार आदि ख़बरें भी हफ्तेभर तक चर्चा का विषय रहीं .इस हफ्ते चर्चा में बतौर मेहमान वरिष्ठ पत्रकार निरुपमा सुब्रमण्यम, टीके राजलक्ष्मी और हृदयेश जोशी ने हिस्सा लिया. वहीं, न्यूज़लॉन्ड्री टीम से सह संपादक शार्दूल कात्यायन और विकास जांगड़ा शामिल हुए. चर्चा का संचालन न्यूज़लॉन्ड्री के प्रबंध संपादक अतुल चौरसिया ने किया.चर्चा की शुरुआत करते हुए अतुल सवाल करते हैं, “आज जब इज़राइल और हमास के बीच शांति समझौता हुआ है, किस तरह की उम्मीदें हैं, क्या यह अस्थायी है या लंबे समय तक कायम रहने वाला है?” इसके जवाब में निरुपमा कहती हैं, “यह शांति समझौता 2023 में ही हो जाना चाहिए था, इसमें इतनी देर इन्होने लगाई है, पूरे अंतरराष्ट्रीय समुदाय में दम नहीं था कि वह इजराइल को बोलता कि इसे बंद करो. पहले बॉम्बिंग का सिलसिला जो शुरू हुआ वह आत्म सुरक्षा के नाम पर था लेकिन उसके बाद यह आत्म सुरक्षा से बहुत आगे चला गया, जिसमें 50 हज़ार से ज़्यादा लोग मर गए.”सुनिए पूरी चर्चा-टाइमकोड्स00:00 - इंट्रो और जरूरी सूचना16:50 - सुर्खियां25:40 - इज़राइल-हमास संघर्ष विराम 40:20 - भारतीय परमाणु संस्थाओं से अमेरिका ने प्रतिबंध हटाए 01:01:10 -  हिंडनबर्ग रिसर्च संस्था 01:13:33- राहुल गांधी पर भाजपा का आरोप01:32:40- सलाह और सुझावपत्रकारों की राय क्या देखा, पढ़ा और सुना जाएनिरुपमा सुब्रमण्यम वेब सीरीज़ -माइग्रेट टीके राजलक्ष्मीफिल्म : द ज़ोन ऑफ़ इंटरेस्ट शार्दूल कात्यायन द हिन्दू में लेख - रेज़िस्टिंग ट्रांसपेरेंसी, एरोडिंग पब्लिक ट्रस्ट न्यूज़लॉन्ड्री परआनंद वर्धन का लेख मिनी सीरीज - डून प्रोफेसी विकास जांगड़ा न्यूज़लॉन्ड्री पर संदीप दीक्षित का इंटरव्यूअतुल चौरसिया नेतन एंडरसन का लेटर ट्रांसक्रिप्शन: तस्नीम फातिमाप्रोड्यूसर: आशीष आनंद एडिटिंग: आशीष आनंद Hosted on Acast. See acast.com/privacy for more information.