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एनएल चर्चा 327: दिल्ली यूनिवर्सिटी में मनुस्मृति और गुजारा भत्ते पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला
1 hour 30 minutes Posted Jul 13, 2024 at 7:53 am.
इंट्रो और ज़रूरी सूचना  00:04 - सुर्खियां 13:40 - गुजारा भत्ते के अधिकार पर बातचीत 41:34 - दिल्ली यूनिवर्सिटी में मनुस्मृति पढ़ाने का प्रस्ताव01:01:50 - हिट एंड रन मामला 01:17:25 - सब्सक्राइबर्स के पत्र 01:24:25 - सलाह और सुझाव पत्रकारों की राय क्या देखा, पढ़ा और सुना जाएनबीलाधारा 125 पर सुप्रीम कोर्ट का जजमेंटस्मिता शर्मास्मिता शर्मा का यू ट्यूब चैनलसुधीर सूर्यवंशी डी एन झा की किताब द मिथ ऑफ़ होली काउबी आर अम्बेडकर की किताब द अनटचेबल  विकासनाटक धर्मक्षेत्र  अतुल चौरसिया फिल्म - महाराज  संतोष सिंह की किताब - द जननायक कर्पूरी ठाकुर: वॉइस ऑफ़ द वाइसलेस ट्रांसक्रिप्शन: तस्नीम फातिमा  प्रोड्यूसर: प्रशांत कुमार एडिटिंग: उमराव सिंह, सैफ़ अली इकराम Hosted on Acast. See acast.com/privacy for more information.
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इस हफ्ते सुप्रीम कोर्ट के एक महत्वपूर्ण फैसले में सीआरपीसी की धारा 125 के तहत मुस्लिम महिला को अपने पति से गुज़ारे भत्ते के लिए मिले कानूनी अधिकार पर विस्तार से चर्चा हुई. इसके अलावा मुंबई के हिट एंड रन केस और दिल्ली यूनिवर्सिटी में मनुस्मृति लागू करने के प्रस्ताव पर भी बात हुई. हफ्ते की प्रमुख सुर्खियों में सुप्रीम कोर्ट द्वारा ईडी मामले में अरविन्द केजरीवाल को अंतरिम जमानत, जम्मू कश्मीर के कठुआ में आतंकी हमले में कई जवानों की शहादत, लखनऊ आगरा एक्सप्रेसवे पर डबलडेकर बस की टक्कर से 18 लोगों की मौत, यूपी के शामली में नए कानून के तहत पत्रकारों की गिरफ्तारी का पहला मामला, ब्रिटेन और फ्रांस में हुए आम चुनाव और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रूस यात्रा आदि शामिल रहीं.इस हफ्ते चर्चा में वरिष्ठ पत्रकार स्मृति शर्मा, सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता नबीला जमील और वरिष्ठ पत्रकार सुधीर सूर्यवंशी शामिल हुए. न्यूज़लॉन्ड्री टीम से विकास जांगड़ा ने चर्चा में हिस्सा लिया. वहीं, चर्चा का संचालन अतुल चौरसिया ने कियाचर्चा की शुरुआत करते हुए अतुल सवाल करते हैं, “क्या सुप्रीम कोर्ट ने मुस्लिम महिलाओं को गुज़ारे भत्ते के इस कानून को लाने में देरी कर दी या ये कोई गैरजरूरी हस्तक्षेप है, जैसी चीजें अब तक चल रही थी वैसी चलनी चाहिए थी?”इस सवाल के जवाब में नबीला कहती हैं, “सुप्रीम कोर्ट ने न देरी कि है,न कुछ नया किया है. रिपोर्टिंग में चीजें ऐसी दिखाई दे रही है कि सुप्रीम कोर्ट ने कुछ नया क्रिएट किया है. लेकिन ये चीजें पहले से रही हैं. उन्होंने साल 1920 के जस्टिस कृष्णा अय्यर के जजमेंट के विषय में बात करते हुए कहा कि इसी जजमेंट में यह कहा गया था कि सीआरपीसी की धारा 125 के तहत एक मुस्लिम महिला अपने पति से गुजारा भत्ता मांग सकती है.”सुनिए पूरी चर्चा - टाइमकोड्स 00:00 - इंट्रो और ज़रूरी सूचना  00:04 - सुर्खियां 13:40 - गुजारा भत्ते के अधिकार पर बातचीत 41:34 - दिल्ली यूनिवर्सिटी में मनुस्मृति पढ़ाने का प्रस्ताव01:01:50 - हिट एंड रन मामला 01:17:25 - सब्सक्राइबर्स के पत्र 01:24:25 - सलाह और सुझाव पत्रकारों की राय क्या देखा, पढ़ा और सुना जाएनबीलाधारा 125 पर सुप्रीम कोर्ट का जजमेंटस्मिता शर्मास्मिता शर्मा का यू ट्यूब चैनलसुधीर सूर्यवंशी डी एन झा की किताब द मिथ ऑफ़ होली काउबी आर अम्बेडकर की किताब द अनटचेबल  विकासनाटक धर्मक्षेत्र  अतुल चौरसिया फिल्म - महाराज  संतोष सिंह की किताब - द जननायक कर्पूरी ठाकुर: वॉइस ऑफ़ द वाइसलेस ट्रांसक्रिप्शन: तस्नीम फातिमा  प्रोड्यूसर: प्रशांत कुमार एडिटिंग: उमराव सिंह, सैफ़ अली इकराम Hosted on Acast. See acast.com/privacy for more information.