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एनएल चर्चा 283: जी 20 समिट, सनातन धर्म पर टिप्पणी और कुत्तों को ‘कैद’ करता दिल्ली नगर निगम
1 hour 38 minutes Posted Sep 9, 2023 at 7:01 am.
00:57- इंट्रो01:00 - 08:49 - ज़रूरी सूचना और सुर्खियां08:50 - 30:00 - सनातन धर्म पर उदयनिधि के बयान के बाद विवाद          30:00 - 1:02:00 - जी-20 सम्मेलन पर विस्तार से चर्चा1:02:03 -1:12:06 - सब्सक्राइबर्स के मेल 1:12:06 - 1:32:15 - जी 20 और कुत्तों को कैद करना 1:32:15 -  सलाह और सुझाव Hosted on Acast. See acast.com/privacy for more information.
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इस हफ्ते चर्चा में मुख्य विषय जी-20 सम्मेलन में चीन और रूस के राष्ट्रपति की अनुपस्थिति, सनातन धर्म पर तमिलनाडु के मंत्री उदयनिधि की तल्ख टिप्पणी के बाद शुरू हुआ विवाद, जी-20 के मद्देनज़र दिल्ली की सड़कों से कुत्तों को हटाया जाना, मणिपुर में मीडिया कवरेज को लेकर एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया की रिपोर्ट और मणिपुर सरकार द्वारा संस्था से जुड़े पत्रकारों के ख़िलाफ एफआईआर दर्ज करना आदि रहे.  हफ्ते की अन्य सुर्खियों में उत्तर प्रदेश भाजपा के कथित माइनॉरिटी सेल के नेता पर बलात्कार और पीड़िता के पिता की हत्या के आरोप में मामला दर्ज, महाराष्ट्र्र्र के जालना में किसानों पर लाठी चार्ज के बाद उपमुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने मांगी माफी, सुप्रीम कोर्ट के एक पैनल ने कहा- पुरुष कैदियों की तुलना में महिला कैदियों की स्थिति बदतर आदि मुद्दे भी शामिल रहे. चर्चा में इस हफ्ते वरिष्ठ पत्रकार प्रकाश के रे शामिल हुए. इसके अलावा न्यूज़लॉन्ड्री टीम से मनीषा पांडे और आनंदवर्धन ने भी चर्चा में भाग लिया. चर्चा का संचालन न्यूज़लॉन्ड्री के कार्यकारी संपादक अतुल चौरसिया ने किया. चर्चा की शुरूआत करते हुए अतुल सवाल करते हैं, “दिल्ली में आयोजित जी-20 शिखर सम्मेलन में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग नहीं आ रहे हैं. हालांकि, विदेश मंत्री एस जयशंकर का बयान आया है कि उनके नहीं आने से सम्मेलन पर कोई ख़ास असर नहीं पड़ेगा. आप इस प्रकरण को किस नज़रिए से देखते हैं?”इस सवाल के जवाब में आनंद कहते हैं, “रूस के राष्ट्रपति पिछले दो वर्षों में शंघाई शिखर वार्ता के अलावा कहीं नहीं गए हैं. आख़िरी बार पुतिन जिस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में शामिल हुए थे वो शंघाई वार्ता ही था. इसलिए उनका जी-20 सम्मेलन में शामिल नहीं होना कोई बड़ी बात नहीं है. अगर शी जिनपिंग और पुतिन दोनों नेता वार्ता में शामिल होते तो रोचक होता और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक प्रभावशाली हेडलाइन बनता. दोनों देशों की एक ज्वाइंट स्टेटमेंट भी मिलती. ऐसा नहीं होने से इसकी जटिलता और बढ़ गई है." इस विषय पर और विस्तार से जानने के लिए सुनिए पूरी चर्चा- टाइम्स कोड्स00:00 - 00:57- इंट्रो01:00 - 08:49 - ज़रूरी सूचना और सुर्खियां08:50 - 30:00 - सनातन धर्म पर उदयनिधि के बयान के बाद विवाद          30:00 - 1:02:00 - जी-20 सम्मेलन पर विस्तार से चर्चा1:02:03 -1:12:06 - सब्सक्राइबर्स के मेल 1:12:06 - 1:32:15 - जी 20 और कुत्तों को कैद करना 1:32:15 -  सलाह और सुझाव Hosted on Acast. See acast.com/privacy for more information.