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एनएल चर्चा 76: वित्त मंत्री द्वारा पेश बजट, कर्नाटक में सियासी संकट, कांग्रेस में मचा घमासान और अन्य
57 minutes Posted Jul 13, 2019 at 9:59 am.
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बीता हफ़्ता तमाम उतार-चढ़ाव की ख़बरों से भरा हफ़्ता रहा. मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में पहली बार वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा बजट पेश किया गया. कर्नाटक में पिछले कुछ दिनों से कांग्रेस और जनता दल (सेक्युलर) की संयुक्त सरकार पर खतरा मंडरा रहा है. दिल्ली सरकार ने सीसीटीवी लगाने की योजना को दिल्ली के सरकारी स्कूलों की कक्षाओं में लागू करने का फैसला लिया है. राहुल गांधी के इस्तीफे के बाद अब कांग्रेस पार्टी के दो बड़े नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया और मिलिंद देवड़ा द्वारा भी अपने-अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया गया. मिलिंद देवड़ा ने अपनी चिट्ठी में राष्ट्रीय स्तर की राजनीति में उतरने के संकेत दिये, जिससे राजनितिक गलियारों में गहमा-गहमी बढ़ गयी है. बीते दिनों यूएन द्वारा कश्मीर में मानवाधिकारों के उल्लंघन से संबंधित रिपोर्ट जारी की गयी, जो काफी चर्चा का विषय रही. नोबल पुरस्कार के विजेता अमृत्य सेन ने अपने एक बयान में कहा कि जय श्री राम का नारा बंगाल में नया आया है, बंगाल की मूल संस्कृति से इसका लेना-देना नहीं है.एन एल चर्चा के इस पॉडकास्ट में लेखक और पत्रकार अनिल यादव मौजूद रहे. साथ ही माखनलाल चतुर्वेदी यूनिवर्सिटी में अध्यापन कार्य कर रहे शिक्षाविद राकेश योगी भी चर्चा का हिस्सा बने. चर्चा का संचालन न्यूज़लॉन्ड्री के कार्यकारी संपादक अतुल चौरसिया ने किया.चर्चा की शुरुआत करने से पहले संचालक अतुल चौरसिया द्वारा ‘टीम वर्क्स आर्ट’ और ‘न्यूज़लॉन्ड्री’ द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किये जाने वाले कार्यक्रम ‘मीडिया रम्बल’ के रजिस्ट्रेशन और शैड्यूल के बारे में दर्शकों को सूचित किया गया. साथ ही अतुल ने ‘एनएल चर्चा’ के फ़ॉर्मेट में हुए बदलाव के बारे में भी बताया.चर्चा की शुरुआत करते हुए अतुल ने कहा कि “बजट में काफी सारी चीज़ों पर पहले भी बात हो चुकी है, मगर पत्रकारिता के लिहाज़ से इसमें दो चीज़ें महत्वपूर्ण रहीं. पहला यह कि अखबार और पत्रिकाओं के कागज़ पर सरकार द्वारा पहली बार कस्टम ड्यूटी लगाने का फैसला लिया गया है. सरकार द्वारा इस पर यह कहा गया कि इससे भारतीय कंपनियों को बाज़ार में विदेशी कंपनियों के मुकाबले ज़्यादा मुनाफा कमाने का अवसर मिलेगा. मगर इसका दूसरा और महत्वपूर्ण पहलू यह है कि ज़्यादातर अखबार कागज़ की आपूर्ति के लिए विदेशी कागज़ पर निर्भर होते हैं. ऐसे में इसका दबाव उन पर भी पड़ेगा और वह अपने दामों में इजाफ़ा कर सकते हैं. यह बढ़ी हुई कीमत आम जन द्वारा जल्दी स्वीकार नहीं की जाती है, जिससे उनकी बिक्री पर असर पड़ता है. चूंकि निजी विज्ञापनों की संख्या निश्चित है, इसलिए आय के लिए  अख़बारों को सरकारी विज्ञापन पर निर्भर होना पड़ेगा. तो क्या यह माना जाये कि इस तरह से सरकार अप्रत्यक्ष रूप से अख़बारों पर नियंत्रण लगाने की कोशिश कर रही है.”इसका जवाब देते हुए राकेश योगी कहते हैं कि “देखिये किसी भी अख़बार की आय निकालने का साधन आज तक भी, कभी भी पाठकों द्वारा दी जाने वाली की नहीं रही है, वह विज्ञापन पर ही निर्भर रहते आये हैं. उसमें भी सरकारी विज्ञापनों पर निर्भरता ज़्यादा रही है. इस सरकार पर विज्ञापनों के वितरण में घूसखोरी का आरोप भी लगता आया है. तो इस कदम को सुधार की दृष्टि से उठाया गया कदम माना जाना चाहिए कि सरकार यह चाहती है कि अखबार कम निकलें, मगर उन्हें आय के लिए किसी ऐसे सोर्स पर निर्भर न रहना पड़े, बल्कि बाज़ार के मुनाफे से ही वह आय निकाल सकें.”राकेश योगी की इस बात पर अपनी राय रखते हुए अनिल यादव कहते हैं कि “मुझे लगता है, इससे कोई ख़ास फ़र्क़ न्यूज़ पेपर इंडस्ट्री पर पड़ने वाला है नहीं. उनकी निर्भरता विज्ञापनों पर ही ज़्यादा रही है. आप देखते हैं कि जब कोई त्यौहार का मौसम होता है तो अख़बारों के शुरूआती पन्ने विज्ञापनों से ही पटे पड़े होते हैं. मुझे लगता है कि जब सरकार ने मीडिया को नियंत्रित करने के लिए कहीं ज़्यादा प्रत्यक्ष तरीका अपना रखा है तो वह उसे इन तरीकों से क्यों नियंत्रित करेगी? आज मीडिया की मुख्यधारा न्यूज़ पेपर हैं नहीं, बल्कि वह चैनल हैं जिसको सरकार सीधा रेवेंयू दे रही है और उसके बदले वह विपक्ष की लगातार आलोचना करते हैं, उन्हें ट्रोल करते हैं.”इस विषय के और भी तमाम पहलुओं पर पैनालिस्टों द्वारा चर्चा की गयी. पोडकास्ट में अनिल यादव द्वारा भवानी प्रसाद मिश्र की रचना ‘चार कौवे’ का पाठ किया गया. इसके साथ ही पॉडकास्ट में हफ़्ते के अन्य मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गयी, जिन्हें सुनने के लिए पूरी चर्चा सुनें.पत्रकारों की राय क्या देखा जाये, सुना जाये, पढ़ा जाये.अनिल यादव:फिल्म - ‘तितली’राकेश योगी:शार्ट फिल्म – ‘गीली’अतुल चौरसिया:विश्रामपुर का संत : श्रीलाल शुक्ल[hindi_support] [hindi_tag]

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