Show notes
आदमी बदलता ही गयापहले क्या थाक्या हो गया।हर जन मेंहिंसा हो गया।शर्मो हया काहर पट हो गया।मुड़ा नहीं फिर पीछेजो गया।चाहत का हर दिलखो गया।अपने ही करनी पररो गया।आलस में हर कोईसो गया।धीरे-धीरे आदमीबदलता ही गया............बदलता ही गया............बदलता ही गया...........।



