Show notes
अकबर रिजवी की कविता जिसका शीर्षक हमने दिया है तो ईद समझूंगा सहयोग डॉक्टर शैलेंद्र रंगमंच हिंदी पट्टी पटना बिहार के रंगमंच के अति सहयोगी व्यक्तित्व राष्ट्र का शौर्य इन कविताओं के तथ्यों के बिना अधूरा और अतृप्त है आप कृपया इसे ध्यान से सुने और अपनी अभिव्यक्ति हमें दें और अगर दिल को वाकई आवाज छू जाए शब्द आपको अपना सा लगे तो इसे ज्यादा से ज्यादा हर किसी के पास दुनिया के हर शख्स तक इसे पहुंचाने में हमारा सहयोग करें अपना प्यार मानवता के लिए इस तरह लुटाए धन्यवाद आपका मनोज मानव--- Send in a voice message: https://podcasters.spotify.com/pod/show/actor-manav/message

