Show notes
मूर्खता और श्रेष्ठता व्यक्तित्व के दो अलग-अलग सिरे हो सकते हैं। पर क्या यही अंतिम सीमा रेखा है? हमारे आसपास कुछ ऐसे लोग भी हैं, जो मूर्खता से परिचय करवाकर उसे श्रेष्ठता तक ले जाते हैं। तो क्या हम भी अपनी मूर्खता को श्रेष्ठता तक ले जा सकते हैं? हेल्थ शॉट्स पॉडकास्ट मन की मेधा के इस एपिसोड में लाइफ कोच डॉ.मेधावी जैन कर रहीं हैं इस मुद्दे पर बात।

