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नए पन्नों से : किस्सों और कविताओं की अनगढ़ शुरुआत तो स्कूल के दिनों में ही हो चुकी थी. लेकिन जिसे कविता कहकर सुनाया जा सके ऐसा कुछ कॉलेज के "पी के कॉफी नशा चढ़े और पॉपकॉर्न मारे किक" वाले दिनों के बाद 2013 से 2017 के बीच अलग- अलग ऑफिसेज में बेमन और विशुद्ध बोरिंग नौकरियां करते हुए लिखा गया, जो पुरानी डायरी है. 2018 से अपने बहुत व्यस्त बेरोजगार रूटीन से कामचोरी करते हुए इसमें नए पन्ने बढ़ाती जा रही हूँ! आज की कविता नए पन्नों से है...



