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प्राचीन काल के मगध साम्राज्य में बिन्दुसार नामक राजा था जो कि महान राजा चन्द्रगुप्त मौर्य का पुत्र एवं चक्रवर्ती सम्राट अशोक का पिता था । बिन्दुसार के दरबार में कई मंत्री थे परंतु उनमें से सबसे बुद्धिमान और चतुर थे आचार्य चाणक्य (Acharya Chanakya)। आचार्य चाणक्य को अर्थशास्त्र का ज्ञाता माना जाता था । उन्होंने ही चन्द्रगुप्त मौर्य के साथ मगध साम्राज्य की नीव रखी थी एवं चन्द्रगुप्त मौर्य को सिंहानसन पर बिठाने में भी आचार्य चाणक्य की महत्त्वपूर्ण भूमिका रही थी ।आचार्य चाणक्य ने मगध साम्राज्य को सक्षमता से चलाने के लिए अर्थशास्त्र नामक किताब लिखी थी जिसमें राज्य को सफलतापूर्वक चलाने के लिए कई राजनीतिक नीतियों का वर्णन किया था । चाणक्य साम, दाम, दंड या भेद, किसी भी रूप से अपना कार्य पूर्ण करवाने के लिए जाने जाते हैं ।कुछ समय पूर्व कलर्स चैनल पर चक्रवर्ती अशोक सम्राट नाम का एक सीरियल आया करता था जिसमें आचार्य चाणक्य (Acharya Chanakya) के बारे में कई दिलचस्प कहानियां भी थी । इसी में से एक कहानी में वर्णन किया गया है की आचार्य चाणक्य (Acharya Chanakya) द्वारा मगध साम्राज्य में एक महामारी फैलाई गई है जिसके कारण कई लोगों को बुरे स्वास्थ्य से पीड़ित देखा जा सकता है । क्या सच में यह महामारी आचार्य चाणक्य(Acharya Chanakya) द्वारा फैलाई गई ? जी नहीं यह कथन कतई सत्य नहीं है । आइए जानते हैं इस महामारी के पीछे किसका था हाथ।

