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नमस्कार ," आकांक्षा गुप्ता " जमशेदपुर निवासी है,जो "स्याही की धार" के नाम से लिखती है!वो खुद की कला का कुछ इस प्रकार है विवरण करती -"उन्हें कहां डर था उन कतीली तलवारों से,बस भय था कहीं सेना को बहा ना ले जाए ये स्याही की धार!"आप उनके काम को उनकी Insta handle @shyahi_ki_dhar पर जाकर पढ़ सकते हैं! You can follow and dm your feedbacks to us , on our Instagram handle: @eccentric_quotes



