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आज अध्यापक, लेखक, कवि, संपादक, नवगीत एवं हिंदी हाइकु के विकास के लिए सतत प्रयासरत डॉ. जगदीश व्योम जी के साथ स्टैन्फ़र्ड यूनिवर्सिटी के KZSU 90.1FM पर बात करने का सौभाग्य मिला। सरकारी महकमे में कुशलता से बड़ी बड़ी ज़िम्मेदारियों का निर्वाह करते हुए भी सतत साहित्य व संस्कृति की सेवा में जुटे रहे जगदीश जी। अनेक प्रकाशन, अनगिनत उपलब्धियाँ, और बहुत ही सफल प्रवास है उनका लेकिन मुझे सबसे ख़ास लगा उनका सरल, विनम्र स्वभाव। आसमान सा व्यापक दृष्टिकोण लेकिन ज़मीन से जुड़ा हुआ नम्र, मृदुभाषी और सबमें प्यार से घुलमिल जाने वाला व्यक्तित्व। आज की ये मुलाक़ात हमेशा याद रहेगी। डॉक्टर व्योम जी का बहुत आभार, धन्यवाद और शुभकामनाएँ।आप उनसे जुड़ सकते हैं उनके ब्लॉग के माध्यम से:vyomkepar.blogspot.com



