बातों बातों में (Baton Baton Mein)
बातों बातों में (Baton Baton Mein)
Alpana Deo
अगर चलना ही ज़िंदगी है, फिर हम बार बार क्यों रुक जाते हैं?
12 minutes Posted Jan 14, 2022 at 5:37 am.
0:00
12:27
Download MP3
Show notes

कई बार हमारी ज़िंदगी में ऐसे कई पल आते हैं जब हमें लगता है कि कुछ हो नहीं रहा. ज़िंदगी जैसे थम-सी गई है। या ये कहें की ज़िंदगी उस मिट्टी में फ़सें गाड़ी कि पहिए जैसी हो गई है जो सिर्फ़ घूम रहा है मगर गाड़ी आगे नहीं बढ़ रही है। आपके साथ ऐसा कभी हुआ है?

तो चलिए, आज अपनी गाड़ी को आगे ढकेलते ... ना ना ना, आगे बढ़ाते है और ये भी समझने की कोशिश करते हैं की को कौनसी बातें है या आदतें हैं जिनके कारण हमारी गाड़ी आख़िर बार बार फँस जाती है। और अगर फिर से ऐसा हुआ तो हम क्या कर सकते है। 

You can follow me at:

Facebook: MothersGurukul  

Twitter: alpana_deo 

Instagram: alpanabapat 

Blog: Mothers Gurukul 

Email: [email protected]