Ehsaas... (Hindi)
S.J
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एक दिन जब सवेरे सवेरे
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Posted Jun 17, 2021 at 10:33 am.
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सवेरे सवेरे आंखें मलता सूरज ,अंधेरे की चादर हटाती भोर की पहली किरण ,चिड़ियों की चहचहाहट ,कोयल की कूक, कल कल बहता झरना और खिलती कलियां यादों के एहसास को और भी तरोताजा कर देते हैं एक ऐसा ही एहसास इस छोटी सी कविता में
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