रुनु
रुनु
Runu Sharma
ये वो लम्हे हैं जो या तो हमने जिये हैं या हम जीना चाहते हैं, वो लोग ,वो वक़्त, वो मुलाकातें जो जहां में मुस्कुराहट बनके बस जाती हैं
बातें
कभी कभी यूं भी बात करनी चाहिए, बिना वजह बस मन में जो आये कह लें हम ढलता हुआ सूरज हो या बारिश का इंतज़ार , कभी यूं किसी के साथ टिवकीय सफर हो या किसी के साथ कुल्हड़ की चाय हो, येवो लम्हे हैं जो या तो हमने जिये हैं या जीना चाहते हैं।
Jan 19, 2021
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