किस्सागो
किस्सागो
Puja Kumar
किस्सागो मतलब कहानी सुनाने वाला। इसमें हम कुछ ऐसी कहानियां सुनाएंगे जो कुछ असल है, कुछ ख्वाब, तो कुछ तर्जे़ बयां।
रॉन्ग नंबर-महाश्वेता देवी
रात एक बजे का समय। तीर्थ बाबू की नींद टूट गयी। टेलीफ़ोन बज रहा था। आधी रात में टेलीफ़ोन बजने से क्यों इतना डर लगता है? “हैलो। सुनिए… अस्पताल से बोल रहा हूँ…आपका पेशेंट अभी-अभी मर गया। हैलो।…” “हमारा पेशेंट? हमारा कोई पेशेंट अस्पताल में नहीं है।” “आपका नम्बर?” “रॉन्ग नम्बर! टेलीफ़ोन रख दीजिए।”
Dec 25, 2020
16 min
सांवली मालकिन| इ. हरिकुमार
वह सोच रही है कि यह साँवली मालकिन कौन है, वह मुझे प्यार क्यों करती है, वह मेरे लिए फ्राक क्यों ख़रीद कर लायी, इन सवालों के जवाब सुलू को नहीं मालूम। वह धीरे से पुकारती है, "अप्पा..." "क्या है बेटी?'' "मेरी माँ कब आएगी?"
Dec 5, 2020
20 min
चप्पल - कमलेश्वर
इस दुनिया में लगातार एक लड़ाई मृत्यु से चल रही है और उस दु:ख और कष्ट एक से हैं दर्द और यातना तो दर्द और यातना ही है - इसमें इंसान और इंसान के बीच भेद ...
Nov 23, 2020
19 min
करवा का व्रत-यशपाल
नहीं, नहीं, यह कैसे हो सकता है ।' कन्हैया नहीं माना,' तुम्हें अगले जनम में मेरी जरूरत है तो क्या मुझे तुम्हारी नहीं है? सुनिए करवा का व्रत-यशपाल और जानिए कहानी में क्या होता है।
Nov 11, 2020
24 min
लड़का लड़की|अमरकांत
अपने लिए मौजपूर्ण गैरजिम्मेदार और दूसरों के लिए परिश्रम, कर्तव्य और जिम्मेदारी, यही आपका जीवन दर्शन है। पर मैं आपसे यह पूछती हूँ कि आपने मेरा जीवन क्यों बरबाद किया? जानिए लड़की ने ऐसा क्यों कहा?
Oct 28, 2020
24 min
लाल हवेली|शिवानी
सुधा फिर डूब गई, ताहिरा जागी। जानिए एक लड़की का सुधा से ताहिरा बनने का सफर।
Oct 19, 2020
28 min
शब्द||मान्यम रमेश कुमार
मेरा अनुरोध उन्होंने मान लिया। वही हुआ जैसा मैं चाहता था। मैंने शब्द से बिदा ली... शाश्वत रूप से और सन्नाटे से निपट रहा हूँ। कभी-कभी सोचता हूँ - बधिर होने के लाभ और क्या-क्या हैं? जानिए क्या होता है कहानी में।
Oct 8, 2020
16 min
'बाघिन का दूध'||पोट्लूरू सुब्रमण्यम
एक तेलुगू कहानी का हिंदी अनुवाद है। एक बड़े अधिकारी द्वारा सौंपा गया काम दुष्कर होने पर बहाना किए बिना 'हां सर' का सकारात्मक रुख अपनाना एक अच्छे कर्मचारी का गुण है। तो देखते हैं कि आगे क्या होता है कहानी में।
Sep 23, 2020
18 min
अनमोल भेंट/मुन्ने की वापसी-रवींद्र नाथ टैगोर
यह कहानी रवींद्र नाथ टैगोर द्वारा लिखी गई है। यह एक पिता के बलिदान की कहानी है।
Sep 14, 2020
16 min
मनोवृति| मुंशी प्रेमचंद
एक अकेली स्त्री को देखकर समाज के लोगों के द्वारा उसके बारे में बनाई गई धारणा की कहानी। जानिए आखिर क्या होता है।
Aug 31, 2020
12 min
Load more