
रात एक बजे का समय। तीर्थ बाबू की नींद टूट गयी। टेलीफ़ोन बज रहा था। आधी रात में टेलीफ़ोन बजने से क्यों इतना डर लगता है?
“हैलो। सुनिए… अस्पताल से बोल रहा हूँ…आपका पेशेंट अभी-अभी मर गया। हैलो।…”
“हमारा पेशेंट? हमारा कोई पेशेंट अस्पताल में नहीं है।”
“आपका नम्बर?”
“रॉन्ग नम्बर! टेलीफ़ोन रख दीजिए।”
Dec 25, 2020
16 min

वह सोच रही है कि यह साँवली मालकिन कौन है, वह मुझे प्यार क्यों करती है, वह मेरे लिए फ्राक क्यों ख़रीद कर लायी, इन सवालों के जवाब सुलू को नहीं मालूम। वह धीरे से पुकारती है, "अप्पा..."
"क्या है बेटी?''
"मेरी माँ कब आएगी?"
Dec 5, 2020
20 min

इस दुनिया में लगातार एक लड़ाई मृत्यु से चल रही है और उस दु:ख और कष्ट एक से हैं दर्द और यातना तो दर्द और यातना ही है - इसमें इंसान और इंसान के बीच भेद ...
Nov 23, 2020
19 min

नहीं, नहीं, यह कैसे हो सकता है ।' कन्हैया नहीं माना,' तुम्हें अगले जनम में मेरी जरूरत है तो क्या मुझे तुम्हारी नहीं है? सुनिए करवा का व्रत-यशपाल और जानिए कहानी में क्या होता है।
Nov 11, 2020
24 min

अपने लिए मौजपूर्ण गैरजिम्मेदार और दूसरों के लिए परिश्रम, कर्तव्य और जिम्मेदारी, यही आपका जीवन दर्शन है। पर मैं आपसे यह पूछती हूँ कि आपने मेरा जीवन क्यों बरबाद किया? जानिए लड़की ने ऐसा क्यों कहा?
Oct 28, 2020
24 min

सुधा फिर डूब गई, ताहिरा जागी। जानिए एक लड़की का सुधा से ताहिरा बनने का सफर।
Oct 19, 2020
28 min

मेरा अनुरोध उन्होंने मान लिया। वही हुआ जैसा मैं चाहता था। मैंने शब्द से बिदा ली... शाश्वत रूप से और सन्नाटे से निपट रहा हूँ। कभी-कभी सोचता हूँ - बधिर होने के लाभ और क्या-क्या हैं? जानिए क्या होता है कहानी में।
Oct 8, 2020
16 min

एक तेलुगू कहानी का हिंदी अनुवाद है। एक बड़े अधिकारी द्वारा सौंपा गया काम दुष्कर होने पर बहाना किए बिना 'हां सर' का सकारात्मक रुख अपनाना एक अच्छे कर्मचारी का गुण है। तो देखते हैं कि आगे क्या होता है कहानी में।
Sep 23, 2020
18 min

यह कहानी रवींद्र नाथ टैगोर द्वारा लिखी गई है। यह एक पिता के बलिदान की कहानी है।
Sep 14, 2020
16 min

एक अकेली स्त्री को देखकर समाज के लोगों के द्वारा उसके बारे में बनाई गई धारणा की कहानी। जानिए आखिर क्या होता है।
Aug 31, 2020
12 min
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