
"नेहरू एक झलक" में हम बात कर रहें हफ़ीज़ क़िदवई(hafeez kidwai) आपके पॉडकोस्ट शब्द बाग़ में....यहाँ नेहरू के कुछ कामों की एक झलकी मात्र है, हम चाहते हैं उनके हर काम पर लम्बी बातचीत हो,जिसमें उनकी मेहनत,लगन और दूरदर्शी सोच को बताया जा सके । यह इसकी शुरुआत भर है...
Jul 22, 2020
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सूफ़ीमत को समझने के लिए यह शुरआत है । आगे इसके हर हिस्से को बताया जाएगा । यह अभी केवल एक सरसरी नज़र भर है । हम इसमे यह स्पष्ट करना चाहते हैं सूफ़ीजम एकविचार है, दर्शन है तो इसकी हर सीढ़ी को समझा जाए ।
Jul 22, 2020
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"शब्द बाग़" की शुरआत बस यहीं से है, जिसका कोई सिरा नही,बस चलते जाना है, हवा और पानी की तरह,बेलौस,सबके लिए....हिन्दी में हम बात करेंगे,वह बात जो सबकी है । हर नब्ज़ पर हाथ धरेंगे,हर धड़कन सुनेंगे,अपने चारों तरफ की शांत आवाज़ को आप तक पहुचाएंगे, यह है हम सबका शब्द बाग़ । मैं हफ़ीज़ क़िदवई,बस इस बाग़ का मामूली हूँ, इसके फल आपके और बीज आने वाली नस्लों के...शब्द बाग़
Jul 7, 2020
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