शब्द बाग़
शब्द बाग़
Hafeez Kidwai
बात कहाँ से शुरू करें,कोई सिरा ऐसा नही जिसे पकड़ कर वह परतें खोल दी जाएं,जो आपके दिलों का हाल कह सकें । यूँ तो तमाम बातें हम आपसे करते रहे हैं मगर यह सब पन्नो पर दर्ज हैं, जो आँखों के ज़रिए दिमाग़ के दरवाजे पर दस्तक देती थीं । इस बार आपके दिल के दरवाजों पर दस्तक देनी की एक कोशिश फिर कर रहे हैं,ज़रिया बनेंगे आपके कान,आपको सुनाने को हम आ रहे हैं लेकर पॉडकोस्ट "शब्द बाग़" । यह शब्द बाग़ गवाही होगा हर उस चीज़ को जिसे मेरी आँखों ने देखा है, जिसे मेरे दिल ने महसूस किया है, जिसे मेरी उंगलियाँ लिख डालना चाहती है, उसे अब मेरी अपनी ज़बान बोल देगी । पॉडकोस्ट शब्द बाग़ में दर्शन,इतिहास,राजनीति,गाँव शहर,गली मोहल्ले,इंसान और जानवर,खानपान और रखरखाव,धर्म और संस्कृति,आध्यत्म और मनोविज्ञान,थोड़ी हंसी मजाक और तमाम दूसरी जानकारियां पॉडकोस्ट शब्द बाग़ के दरख़्त बनेंगे । हमें उम्मीद है जिस तरह आपने हमारे हैशटैग को पलकों पर बैठाया है उसी तरह पॉडकोस्ट शब्द बाग भी अपनी खूबसूरत जगह बनाएगा । अब आप सुनने को तैयार रहिए मैं यानि हफ़ीज़ क़िदवई के पॉडकोस्ट शब्द बाग़ को,यह नाम याद कर लीजिए और इसको इतना तराशिये की यह आपका अपना अक़्स बन जाए,जिसकी हर बात आपकी बात हो,जिसकी हर धड़कन आपकी धड़कन हो क्योंकि जो आप हैं, वही हम हैं, हम दोनों मिलकर दुनिया की सबसे खूबसूरत चीजें गढ़ेंगे,यही तो शब्द बाग़ का आपसे वादा है...
नेहरू एक झलक
"नेहरू एक झलक" में हम बात कर रहें हफ़ीज़ क़िदवई(hafeez kidwai) आपके पॉडकोस्ट शब्द बाग़ में....यहाँ नेहरू के कुछ कामों की एक झलकी मात्र है, हम चाहते हैं उनके हर काम पर लम्बी बातचीत हो,जिसमें उनकी मेहनत,लगन और दूरदर्शी सोच को बताया जा सके । यह इसकी शुरुआत भर है...
Jul 22, 2020
12 min
सूफ़ीमत एक दर्शन "Philosophy of sufism"
सूफ़ीमत को समझने के लिए यह शुरआत है । आगे इसके हर हिस्से को बताया जाएगा । यह अभी केवल एक सरसरी नज़र भर है । हम इसमे यह स्पष्ट करना चाहते हैं सूफ़ीजम एकविचार है, दर्शन है तो इसकी हर सीढ़ी को समझा जाए ।
Jul 22, 2020
12 min
हौंसलो का खंडहर
किताब "हैशटैग आशिक़ी " के एक पन्ने से...
Jul 9, 2020
2 min
शब्द बाग़ की पहली आहट
"शब्द बाग़" की शुरआत बस यहीं से है, जिसका कोई सिरा नही,बस चलते जाना है, हवा और पानी की तरह,बेलौस,सबके लिए....हिन्दी में हम बात करेंगे,वह बात जो सबकी है । हर नब्ज़ पर हाथ धरेंगे,हर धड़कन सुनेंगे,अपने चारों तरफ की शांत आवाज़ को आप तक पहुचाएंगे, यह है हम सबका शब्द बाग़ । मैं हफ़ीज़ क़िदवई,बस इस बाग़ का मामूली हूँ, इसके फल आपके और बीज आने वाली नस्लों के...शब्द बाग़
Jul 7, 2020
2 min