आपकी आवाज
आपकी आवाज
ANANTA GUPTA
बेहिसाब बात करने के लिए वक्त का ना होना और बेहिसाब वक्त होने पर बातों का ना होना। बहुत फर्क हैं जनाब।
मेरी कलम से
बेहिसाब बात करने के लिए वक्त का ना होना और बेहिसाब वक्त होने पर बातों का ना होना।  बहुत फर्क हैं जनाब। ✒ अनन्ता स्नेहा गुप्ता
May 2, 2020
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