बालगाथा हिंदी कहानियाँ | Baalgatha Hindi Stories
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88: Mahalaya and Karna महालया का पर्व और कर्ण की कहानी
7 minutes Posted Sep 28, 2019 at 8:57 am.
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पितृपक्ष की अवधि गणपति उत्सव और नवरात्रि महोत्सव के बीच होती है। महालया वह समय है जब शोक या श्राद्ध पक्ष समाप्त होता है, और उस दिन को सर्वपितृ अमावस्या भी कहा जाता है। माना जाता है की देवी दुर्गा महालया के दिन पृथ्वी की यात्रा करने के लिए रवाना होती है । लेकिन क्या आप जानते हैं कि पितृ पक्ष या शोक के पखवाड़े का पालन कैसे शुरू हुआ ?

कर्ण की कहानी के माध्यम से हम इस सवाल का जवाब पाएँगे। महाभारत युद्ध में जब कर्ण मारा गया, तो उसकी आत्मा स्वर्ग चली गई ।  कर्ण अपनी उदारता के लिए जाने जाते थे और स्वर्ग में जाने बाद उन्हें वापस पंद्रह दीनो के लिए पृथ्वी पर आना पड़ा । ऐसे क्यू हुआ? जानिए इस कहानी को सुन कर।

इस कहानी को हम ने बालगाथा English पाड्कैस्ट पर भी आज हाई प्रदर्शित किया है।
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