अजय की क़लम से
अजय की क़लम से
Bhavna Pathak
Episode 08 कविता "करवटें"
2 minutes Posted Mar 27, 2020 at 2:13 pm.
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यह कविता मन की चंचलता को दर्शाती है जो पल पल बदलता रहता है, निराशा और आशा के बीच गोते खाता रहता है।