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Urdu - "God Made Us All".mp3 / "الأردية - "الله جعلنا كلنا.mp3 //यूहन्ना 1ज़िंदगी का कलाम1इब्तिदा में कलाम था। कलाम अल्लाह के साथ था और कलाम अल्लाह था। 2यही इब्तिदा में अल्लाह के साथ था। 3सब कुछ कलाम के वसीले से पैदा हुआ। मख़लूक़ात की एक भी चीज़ उसके बग़ैर पैदा नहीं हुई। 4उसमें ज़िंदगी थी, और यह ज़िंदगी इनसानों का नूर थी। 5यह नूर तारीकी में चमकता है, और तारीकी ने उस पर क़ाबू न पाया।6एक दिन अल्लाह ने अपना पैग़ंबर भेज दिया, एक आदमी जिसका नाम यहया था। 7वह नूर की गवाही देने के लिए आया। मक़सद यह था कि लोग उस की गवाही की बिना पर ईमान लाएँ। 8वह ख़ुद तो नूर न था बल्कि उसे सिर्फ़ नूर की गवाही देनी थी। 9हक़ीक़ी नूर जो हर शख़्स को रौशन करता है दुनिया में आने को था।10गो कलाम दुनिया में था और दुनिया उसके वसीले से पैदा हुई तो भी दुनिया ने उसे न पहचाना। 11वह उसमें आया जो उसका अपना था, लेकिन उसके अपनों ने उसे क़बूल न किया। 12तो भी कुछ उसे क़बूल करके उसके नाम पर ईमान लाए। उन्हें उसने अल्लाह के फ़रज़ंद बनने का हक़ बख़्श दिया, 13ऐसे फ़रज़ंद जो न फ़ितरी तौर पर, न किसी इनसान के मनसूबे के तहत पैदा हुए बल्कि अल्लाह से।14कलाम इनसान बनकर हमारे दरमियान रिहाइशपज़ीर हुआ और हमने उसके जलाल का मुशाहदा किया। वह फ़ज़ल और सच्चाई से मामूर था और उसका जलाल बाप के इकलौते फ़रज़ंद का-सा था।15यहया उसके बारे में गवाही देकर पुकार उठा, “यह वही है जिसके बारे में मैंने कहा, एक मेरे बाद आनेवाला है जो मुझसे बड़ा है, क्योंकि वह मुझसे पहले था।”16उस की कसरत से हम सबने फ़ज़ल पर फ़ज़ल पाया। 17क्योंकि शरीअत मूसा की मारिफ़त दी गई, लेकिन अल्लाह का फ़ज़ल और सच्चाई ईसा मसीह के वसीले से क़ायम हुई। 18किसी ने कभी भी अल्लाह को नहीं देखा। लेकिन इकलौता फ़रज़ंद जो अल्लाह की गोद में है उसी ने अल्लाह को हम पर ज़ाहिर किया है।

